CITU Haryana municipal workers strike

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सीआईटीयू नगरपालिकाकर्मियों की हड़ताल के समर्थन व सरकार द्वारा आन्दोलनकारियों पर दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में 22 मई को प्रदेश भर में जोरदार प्रदर्शन करेगी। उक्त बात सीटू हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सतबीर सिंह व महासचिव जयभगवान ने हड़ताली कर्मियों को संबोधित करते हुए कही। दोनो नेताओं ने राज्य में सोनीपत व कई अन्य जिलो में पुलिस द्वारा आन्दोलनकारियों पर किए गए दमन व गिरफतारी की कड़े शब्दो में निंदा की। साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की है कि गिरफतारकर्मियों को तुरंत रिहा किया जाए व मांगों का न्यायोचित ढ़ंग से निपटारा हो। सीटू नेताओ ने कहा कि राज्य में नगर निगमों, परषिदों व पालिकाओं में करीब 35000 कर्मचारी काम करते हैं। राज्य में लंबे समय से चैथे दर्जे के कर्मचारियों की स्थाई भर्ती पर रोक लगा रखी है। इसके चलते कुल कर्मचारियों का लगभग 25000 आज ठेके/आडटसोर्स पर काम कर रहा है जिसे बहुत सी जगहो पर न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है, ईएसआई, पीएफ की सुविधा तक नहीं दी जा रही। पिछली सरकार के काल में ठेकेदार को खत्म कर सरकार ने स्वयं इन कर्मियों को अपने पे रोल पर ले लिया था। परन्तु भाजपा सरकार ने सता में आते ही फिर से ठेकेदारी प्रथा शुरू कर दी व बड़े पैमाने पर काम आउटसोर्स किया जा रहा है।
सफाई का काम स्थाई काम है इस पर स्थाई भर्ती हो व ठेकेदारी प्रथा खत्म हो तथा सुपीर्म कोर्ट के निर्णयनुसार समान काम समान वेतन दिया जाए। यही दो मांगें प्रमुख रूप से हड़तालीकर्मियों द्वारा की जा रही है। पिछले 9 मई से राज्य में हड़ताल जारी है। परन्तु प्रदेश सरकार द्वारा जो रूख अपनाया गया है वह बेहद असंवेदनशील व समाज के गरीब तबकों के प्रति हिकारत भरा है। बीएमएस व आरएसएस हमेशा की तरह आन्दोलन को कमजोर करने व तोड़ने में भाजपा सरकार की मदद कर रहे हैंै। हम इसकी कड़े शब्दो में निंदा करते हैं ।
हालांकि इन तमाम हथकंडों के बावजूद हड़ताल अभी भी 100 प्रतिशत सफल है। आन्दोलनकारियों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों के साथ मिलकर सीटू 22 मई को तमाम शहरों में प्रदर्शन की जोरदार कार्यवाहियां करेंगी।