राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से हम सभी को प्रेरणा मिलती है। सत्य व अहिंसा के राह पर चलते हुए उन्होने देश को आजाद करवाया। गांधी जयंती के अवसर पर चंडीगढ़ में भी सैक्टर 16 स्थित गांंधी भवन में गांधी म्यूजियम बनवाया गया है जिसका उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने किया। इस म्यूजियम में महात्मा गांधी के बचपन से लेकर अंतिम सफर तक की हर तस्वीर दिखाई देगी।
चंडीगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा ‘गांधी की जेल’ बनाई गयी है, जिसमें बापू के जीवन से जुड़ी कई दुर्लभ चीजें सहेज कर रखी गयी है। चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन में म्यूजियम का गांधी जयंती के मौके पर उद्धघाटन किया गया। इस म्यूजियम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दुर्लभ तस्वीरें है।खास चीज है ‘गांधी की जेल’। पूर्ण रूप से जेल का रूप दिया गया है। इसमें गांधीजी कुसी पर बैठे हैं। उनके सामने एक टेबल है।
गांधी स्मारक भवन में प्रवेश करते ही गांधीजी की भव्य प्रतिमा मिलेगी और म्यूजियम में प्रवेश करने से पहले ही दीवार पर दांडी यात्रा का सीन और उसका रूट अंकित है। म्यूजियम के अंदर एक भाग में दांडी यात्रा के दौरान नमक बनाने के सीन की मूर्ति के अलावा चरखा कातते हुए दिखाई देंगे।
घर-घर खादी के संदेश को जीवंत करने के लिए यहा विशेष तौर पर दो चरखे रखे गए है। उसमें से एक पर महात्मा गांधी को बिठाया गया है जबकि दूसरा चरखा आम लोगों के लिए रखा गया है ताकि लोग उसे समझ सके। इसी दूसरे चरखे पर बैठकर चंडीगढ़ के प्रशासक बीपी सिंह बदनौर ने इस म्यूजियम का शुभारंभ किया।
प्रशासक वी पी बदनोर ने उद्घाटन के मौके पर कहा यह सौभाग्य की बात है चंडीगढ़ में गांधी म्यूजियम बना है और जिस में उनके जीवन से सिद्धांतों का ज़िक्र है।
म्यूजियम में लगाई टिकट को प्रशासक ने सराहा। पूरा म्यूजियम देखने के बाद म्यूजियम के अंदर लगाई गई बापू की टिकट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जेल और बापू की फोटो के साथ चलाई गई डाक टिकट बहुत दुर्लभ वस्तु होती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बापू की आवाज से रिकॉर्ड किया हुआ एक टेप टेलीफोन के रूप में म्यूजियम के मुख्य गेट पर स्थापित किया गया है।
म्यूजियम को देखने आने वाले लोगों ने म्यूजियम सरहना की और कहा कि उनको यहां से काफी कुछ सीखने को मिला है और बच्चों को इस मुयूज़िम के ज़रिए बापू के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।











































